सवाई माधोपुर जिले की प्रमुख सरकारी योजनाएँ
राजस्थान सरकार का एक केंद्रीकृत पोर्टल (sampark.rajasthan.gov.in) है, जहाँ नागरिक घर बैठे सरकारी विभागों के खिलाफ अपनी शिकायतें 181 नंबर पर कॉल करके, पोर्टल के माध्यम से या मोबाइल ऐप के जरिए निःशुल्क दर्ज करा सकते हैं।
राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 के तहत राज्य सरकार ने जल शक्ति मंत्रालय के साथ एमओयू (MoU) साइन किया है, जिससे 44.65 लाख से अधिक ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाने और रुकी हुई परियोजनाओं के लिए 2,000 करोड़ रुपये का केंद्रीय बजट जारी करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
राजस्थान सरकार द्वारा 1 अगस्त 2024 को शुरू की गई लाडो प्रोत्साहन योजना बालिकाओं के लिए एक प्रमुख कल्याणकारी पहल है। इसके तहत बालिका के जन्म से लेकर 21 वर्ष की आयु तक, शिक्षा और स्वास्थ्य के विभिन्न चरणों में 7 किश्तों में कुल ₹1.50 लाख की आर्थिक सहायता (DBT) दी जाती है।
भारत सरकार द्वारा अप्रैल 2020 में शुरू की गई एक केंद्रीय योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक का उपयोग करके भूमि का सटीक सर्वेक्षण करना और ग्रामीणों को उनकी आवासीय संपत्ति का अधिकार रिकॉर्ड (संपत्ति कार्ड/घरौनी) प्रदान करना है।
विकसित भारत-जी राम जी (VB-G RAM G) योजना मनरेगा का उन्नत रूप है, जो 2025 से ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 100 के बजाय 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार प्रदान करती है। इसका उद्देश्य स्थायी आजीविका, पारदर्शी कार्य प्रणाली और गांव के विकास के लिए ग्राम सभा को योजना बनाने की शक्ति देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है
राजस्थान में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का मकान बनाने के लिए ₹1.20 लाख से ₹1.30 लाख तक की वित्तीय सहायता, शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 और मनरेगा के तहत 90-95 दिनों का रोजगार प्रदान किया जाता है।
स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण (SBM-G), 2 अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया, एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में स्वच्छता में सुधार करना और खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति बनाए रखना है।
राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना का उद्देश्य राज्य के 10,000 गांवों में बीपीएल (BPL) परिवारों का सर्वे कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना और आत्मनिर्भर बनाना है।