पंडित दीन दयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना
25 Mar 2026
राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना का उद्देश्य राज्य के 10,000 गांवों में बीपीएल (BPL) परिवारों का सर्वे कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना और आत्मनिर्भर बनाना है।
उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्रों से गरीबी का उन्मूलन करना और बीपीएल परिवारों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाना।
लक्ष्य: प्रथम चरण में 5,000 गांवों और 30,000 से अधिक बीपीएल परिवारों की पहचान।
वित्तीय सहायता: स्वयं-रोजगार और आजीविका गतिविधियों के लिए ₹1 लाख तक की सहायता।
महिला सशक्तिकरण: स्व-सहायता समूहों (Self-Help Groups) से जुड़ी महिलाओं को ₹15,000 तक की कार्यशील पूंजी।
सुविधाएं: गांवों में पानी की टंकी की सफाई, लंबित नल कनेक्शन, और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना।
बुनियादी ढांचा: पक्की सड़कों, नालियों, खड़ंजा, स्ट्रीट लाइट और पंचायत भवनों का विकास।
पुरस्कार: उत्कृष्ट कार्य करने वाले शीर्ष 3 जिलों को क्रमशः ₹50 लाख, ₹35 लाख, और ₹25 लाख का वित्तीय पुरस्कार।
यह योजना 2002 की BPL जनगणना के आंकड़ों का उपयोग करके, "गरीबी-मुक्त गांव कार्य योजना" के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक विकास पर केंद्रित है
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